मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में स्थित लांजी का किला (Lanji Fort) जिसे लांजीगढ़ के नाम से भी जाना जाता है, 12 वी शताब्दी का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल है। Lanji Ka Kila जो की Balaghat जिले में स्थित है, यह अपने भव्य वास्तुकला, शिल्पकला और धार्मिक महत्व के कारण प्रसिद्द है।
वर्षो से Lanji Ka Kila पर्यटकों, इतिहास प्रेमियो और शोधकर्ताओ के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। आपको बता दे की लांजी के किले का निर्माण राजपूतो के समय में राजपूत काल में हुआ था जिसे अभेद्द किलो में से एक माना जाता है।
लांजी का किला का इतिहास और निर्माण (Lanji Fort History in Hindi)
Balaghat का Lanji Ka Kila12 वी शताब्दी में राजा मलुकोमा द्वारा बनवाया गया था। लांजी का यह किला लांजी में 7.5 एकड़ भूमि में फैला हुआ है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है यह किला अपने समय में कितना बड़ा होगा। यह किला अपने समय में एक मजबूत और सुरक्षित किलेबंदी के रूप में जाना जाता था।

Lanji Fort History में राजकुमारी हसला का नाम भी इस Lanji Ka Kila से जुड़ा है। बताया जाता है की राजकुमारी हसला ने अपने परिवार और प्रजा की रक्षा के लिए अपने प्राणो की आहुति दी थी। जिनकी बहादुरी और वीरता की गाथा आज भी इस क्षेत्र में प्रचलित है।

वैसे तो ये किला समय के साथ साथ अभी खंडहर में तब्दील हो गया है, लेकिन लांजी के किले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता आज भी कायम है। आज भी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) इस किले को संरक्षित करने का प्रयास कर रहा है। इस किले के आस पास का हरा भरा वातावरण, प्राचीन वृक्ष इस किले की सुंदरता में चार चाँद लगा देते है।
Lanji Kila History – वास्तुकला और संरचना
लांजी का किला राजपूत काल में बनवाया गया था जो की स्थापत्य कला का एक बेहतरीन उदाहरण है। इस किले के प्रवेश द्वार की बात करे तो इस किले का प्रवेश द्वार पूर्व दिशा में स्थित है, जिसमे कछुए और सर्प के प्रतिक अंकित किये हुए देखने को मिलते है। इस किले की आस पास की दीवारों की बात करे तो ये दीवारे लगभग 20 फीट ऊँची है जिसके चारो कोनो पर बुर्ज बने हुए है। वर्तमान समय में चारो बुर्ज में सिर्फ 2 बुर्ज ही अभी सुरक्षित है, जबकि अन्य 2 बुर्ज समय के साथ साथ नष्ट हो गए है।

इस किले के चारो ओर गहरी खायी देखने को मिलती है। बताया जाता है की किले के आस पास ये गहरी खायी बनवायी गयी थी जिसमे सुरक्षा की दृष्टि से मगरमच्छ रखे जाते थे। जिससे इस किले को अतिरिक्त सुरक्षा मिल जाती थी। इस किले के अंदर एक प्राचीन मंदिर भी है, जो की वर्तमान समय में अभी भी कुछ हद तक सुरक्षित देखने को मिल जाता है। इस Lanji Kile Ka Mandir पूरी तरह से बहुत ही नरम बलुआ पत्थर से निर्मित किया गया है, जिसमे बहुत ही अच्छी बेहतरीन नक्काशी की गयी है। इस मंदिर के मंडप में चार स्तम्भ है जो की इसे तीन भागो में विभाजित करते है। मंदिर के गर्भगृह का प्रवेश द्वार सुंदर मूर्तियों और नक्काशी से सुसज्जित है। स्तंभों की बनावट चौकोर आधार से शुरू होकर षोडशभुजाकार शीर्ष तक जाती है, जो उस काल के शिल्पकारों की उत्कृष्ट कला को दर्शाती है।
Lanji Ka Kila – पर्यटन और पहुंच
लांजी का किला बालाघाट जिले से लगभग 65 किमी की दुरी पर स्तिथ है। अगर आप इस किले तक पहुंचना चाहते है तो आप बालाघाट से आसानी से बस या टैक्सी की जरिये इस किले तक पहुंच सकते है। अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व के कारण पर्यटकों को आकर्षित करता है।
अगर आप इस किले तक ट्रैन से पहुंचना चाहते है तो, इस किले का निकटतम रेलवे स्टेशन बालाघाट जंक्शन है जहा तक आपको आना होगा। वही सबसे निकटतम हवाई अड्डा की बात करे तो इस किले का सबसे निकटतम हवाई अड्डा नागपुर में स्तिथ है।
यहां आने वाले पर्यटक इस किले के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहलुओं का गहन अध्ययन कर सकते हैं। इसके अलावा, आसपास के प्राकृतिक स्थल भी एक शानदार अनुभव प्रदान करते हैं। सरकार और स्थानीय प्रशासन इस किले को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजनाओं पर काम कर रहे हैं, ताकि इसे और अधिक संरक्षित किया जा सके।
संरक्षण और वर्तमान स्थिति
वर्तमान समय में लांजी का किला अभी खंडहर बन चूका है। वैसे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) इसे संरक्षित करने के लिए कार्यरत है और वे अपना पूरा प्रयास कर रहे है। इस किले के आस पास बहुत ही सुन्दर हरियाली है, साथ ही कही सारे सैकड़ो वर्ष पुराने पेड़ है जो की पर्यटकों और इतिहास प्रेमी को अपनी ओर आकर्षित करते है। वर्तमान समय में इस किले में आज भी बहुत से शोधकर्ता और इतिहास प्रेमी आकर इस किले का दौरा करते है और इसके इतिहास और वास्तुकला का अध्ययन करते हैं।

फिलहाल अभी सरकार और स्थानीय प्रशाशन द्वारा इस ऐतिहासिक धरोवर को बचाने के लिए कई तरह की योजनाए बनायीं जा रही है। यदि इस किले का उचित संरक्षण किया जाए, तो यह पर्यटन को भी बढ़ावा दे सकता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी योगदान कर सकता है।
लांजी का किला (Lanji Fort) : निष्कर्ष
बालाघाट का लांजी का किला (Lanji Ka Kila) जिसे हम Lanji Fort के नाम से जानते है न केवल इतिहास और वास्तुकला के प्रेमियों के लिए, बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शोधकर्ताओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण स्थल है। राजकुमारी हसला का अपने परिवार और प्रजा के लिए बलिदान इस किले को और भी महान बनाता है। यदि आप मध्य प्रदेश के इतिहास और संस्कृति को करीब से देखना चाहते हैं, तो लांजी का किला एक आदर्श स्थान साबित हो सकता है। इस किले का दौरा करना आपको अतीत की भव्यता का एहसास कराएगा और एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करेगा।
लांजी किला (Lanji Fort) से जुड़े सामान्य प्रश्न (FAQs) और उनके उत्तर
1. लांजी का किला कहां स्थित है?
उत्तर: लांजी का किला मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में स्थित है। यह बालाघाट शहर से लगभग 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
2. लांजी किले का निर्माण किसने करवाया था?
उत्तर: इस किले का निर्माण 12वीं शताब्दी में राजा मलुकोमा ने करवाया था।
3. लांजी किले का एतेहासिक महत्व क्या है?
उत्तर: यह किला प्राचीन राजपूत स्थापत्य कला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है और इसे मध्यकालीन सुरक्षा व्यवस्था का प्रतीक माना जाता था। यह किला वीर राजकुमारी हसला के बलिदान और गौरवशाली इतिहास से भी जुड़ा हुआ है।
4. लांजी किले की वास्तुकला कैसी है?
उत्तर: किले का मुख्य द्वार पूर्व की ओर स्थित है, जिसमें कछुए और सर्प के प्रतीक अंकित हैं। इसकी दीवारें लगभग 20 फीट ऊंची हैं और चारों ओर बुर्ज बने हुए हैं। किले के चारों ओर एक गहरी खाई है, जिसमें पहले मगरमच्छ छोड़े जाते थे।
5. क्या लांजी किले के अंदर कोई मंदिर स्थित है?
उत्तर: हां, किले के अंदर एक प्राचीन मंदिर स्थित है, जो राजकुमारी हसला को समर्पित है। यह मंदिर नरम बलुआ पत्थर से निर्मित है और इसकी नक्काशी अत्यंत सुंदर है।
6. लांजी किले से जुड़े धार्मिक स्थल कौन-कौन से हैं?
उत्तर: किले के पास महामाया विष्णु गणेश मंदिर स्थित है, जो हिंदू आस्था का प्रमुख केंद्र है। इस मंदिर में विष्णु, गणेश और महामाया देवी की पूजा की जाती है।
7. लांजी किले तक कैसे पहुंचा जा सकता है?
उत्तर: लांजी किला बालाघाट से 65 किलोमीटर दूर है। निकटतम रेलवे स्टेशन बालाघाट जंक्शन है और निकटतम हवाई अड्डा नागपुर में स्थित है, जो लगभग 200 किलोमीटर दूर है। बालाघाट से लांजी तक नियमित बस और टैक्सी सेवाएं उपलब्ध हैं।
8. क्या लांजी किला पर्यटकों के लिए खुला रहता है?
उत्तर: हां, लांजी किला पर्यटकों के लिए खुला रहता है। हालांकि, इसकी स्थिति अब खंडहर जैसी हो चुकी है, लेकिन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा इसे संरक्षित किया जा रहा है।
9. क्या लांजी किले में प्रवेश शुल्क लिया जाता है
उत्तर: वर्तमान में लांजी किले में प्रवेश करने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। यह स्थल पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों के लिए पूरी तरह से खुला है।
10. लांजी किले का वर्तमान स्थिति कैसी है?
उत्तर: लांजी किला अब खंडहर में तब्दील हो चुका है, लेकिन इसका ऐतिहासिक महत्व बरकरार है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा इसे संरक्षित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
11. लांजी किले को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कोई योजना है?
उत्तर: सरकार और स्थानीय प्रशासन इस किले को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजनाओं पर काम कर रहे हैं, ताकि इसे संरक्षित किया जा सके और अधिक से अधिक लोग इसके ऐतिहासिक महत्व से परिचित हो सकें।
12. लांजी किले का सबसे अच्छा समय घूमने के लिए कौन सा है?
उत्तर: लांजी किला घूमने के लिए सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच का होता है, जब मौसम सुहावना रहता है और पर्यटकों को यात्रा में कोई कठिनाई नहीं होती।
13. क्या लांजी किले के आसपास खाने-पीने की सुविधा उपलब्ध है?
उत्तर: चूंकि किला एक ऐतिहासिक स्थल है और दूरस्थ क्षेत्र में स्थित है, इसलिए वहां सीमित भोजनालय और कैफे उपलब्ध हैं। बेहतर होगा कि आप अपने खाने-पीने की चीजें पहले से साथ लेकर जाएं।
14. क्या लांजी किला फोटोग्राफी के लिए अच्छा स्थान है?
उत्तर: हां, लांजी किला अपनी ऐतिहासिक वास्तुकला और प्राकृतिक सुंदरता के कारण फोटोग्राफी प्रेमियों के लिए एक शानदार स्थान है। यहां से सूर्योदय और सूर्यास्त के दृश्य भी अद्भुत होते हैं।
15. लांजी किले के आसपास अन्य प्रमुख पर्यटन स्थल कौन-कौन से हैं?
उत्तर: लांजी किले के आसपास कई अन्य पर्यटन स्थल हैं, जैसे कान्हा नेशनल पार्क, खैरलांजी वन क्षेत्र, और बालाघाट का प्राकृतिक सौंदर्य।