मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से एक बहुत ही बड़ी खबर सामने आयी है जहा तेंदुआ थाना क्षेत्र के डांग खैरोना गांव की पहाड़ियों पर स्तिथ एक देवस्थान में हवन के कार्यक्रम के दौरान हवन कुंड से निकले धुएं ने पास ही बैठी मधुमक्खियों को उग्र कर दिया। जिसके बाद उन मधुमक्खियों ने कार्यक्रम में मौजूद भक्त जानो पर हमला बोल दिया, जिसकी वजह से वह उपस्तिथ 30 से भी ज्यादा लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है की इनमे 5 लोगो की बहुत ही गंभीर हालत है जिन्हे जिला अस्पताल में इलाज के लिया भेजा गया।
हवन के धुएं से भड़की मधुमक्खियां
यह घटना बुधवार के दिन की शाम के समय की बताई जा रही है, जब हवन करते समय उसका धुआँ मधुमक्खियों तक पंहुचा तो पेड़ो पर बैठी मधुमक्खियां भड़क गयी और वह मौजूद लोगो पर हमला कर दी। जिसके बाद वह मौजूद सभी श्रद्धालु घबराकर इधर उधर भागने लगे और बचावके लिए पास के जंगल की ओर भागने लगे। इस हमले में बच्चे और महिलाये भी शामिल थे जिन्हे पास ही स्तिथ कोलारस सामुदायिक स्वास्थय केंद्र में भर्ती कराया गया।
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गंभीर रूप से घायल 5 लोग अस्पताल में भर्ती
इस हमले में लोग बहुत ही बुरी तरह से घायल हुए जिनमे 26 साल की अनीता धाकड़, 10 साल के कपिल, 10 साल की अर्पिता, 17 साल की रजनी और 8 साल की सैंकी धाकड़ शामिल हैं, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। फिलहाल अभी ये लोग जिला अस्पताल में स्तिथ है, जहा इनका इलाज किया जा रहा है। उनकी त्वचा पर काफी सूजन आ गयी है और बाकी घायलों का इलाज कोलारस सामुदायिक स्वास्थय केंद्र में चल रहा है।
श्रद्धालुओं की भागदौड़ और अफरा-तफरी
जब मधुमक्खियों ने मंदिर में मौजूद श्रद्धालु पर हमला किया तो वे लोग पास के जंगल की ओर भागने लगे ये सोचके की मधुमक्खी वहा तक नहीं आएगी। घायल अनीता धाकड़ ने बताया की ये हमला इतना अचानक से हुआ की किसी को कुछ भी समझ नहीं आया और बहुत ही भयानक था, जिसमे लोग अपने बच्चो को बचाने के लिए अलग अलग रास्ते में भागने लगे।
प्रशासन का रेस्पॉन्स और मामले की जांच
इस घटना के जानकारी मिलने के बाद प्रशाशन घटना स्थल पर पंहुचा और घायल लोगो को अस्पताल में भर्ती कर उनका तुरंत उपचार शुरू करवाया। जिसके बाद पुलिस ने भी इस घटना को ध्यान में रखते हुए भविस्य में ऐसी कोई घटना घटित ना हो करके इस तरह के घटनाओ से बचने के लिए उपायों पर विचार करना शुरू किया है।
भविष्य में ऐसे हादसों से बचाव के उपाय
इस घटना के बाद स्थानीय प्रशाशन ने ग्रामीण लोगो से बात करके उनसे अपील की है की आगे अगर इस तरह से घटना होने से बचना है तो आपको मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम के दौरान अपनी सुरक्षा के लिए सभी उपाय पहले से करना होगा। साथ ही जब कोई हवन किया जा रहा हो तो ये सुनिश्चित कर ले की आस पास किसी जगह या पेड़ो में मधुमक्खियां न हो।
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा पर सवाल उठाती है और भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए नई सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को महसूस कराती है।