जीजाबाई ने बचपन से ही उन्हें रामायण और महाभारत के बारे में बताकर, कहानियो के माध्यम से धर्म न्याय और वीरता की शिक्षा दी।
बचपन में ही बहादुरी के गुण
बचपन में ही बहादुरी के गुण
शिवाजी ने बहुत ही कम उम्र में घुड़सवारी तलवारबाजी और युद्ध रणनीति सीखना शुरू कर दिए थे, साथ ही अपने साथियो के साथ अभ्यास भी करते थे।
पहला किला जीतने की कहानी
पहला किला जीतने की कहानी
शिवाजी महाराज ने मात्रा 16 साल की उम्र में तोरणा किला जीता था। यह उनकी स्वराज स्थापना की ओर पहला कदम था।
बचपन के संघर्ष और आदर्श
बचपन के संघर्ष और आदर्श
शिवाजी को बचपन से ही मुगलो की वजह से संघर्षो का सामना करना पड़ा। माता जीजा बाई की शिक्षा ने उन्हें स्वराज्य का सपना साकार करने की प्रेरणा दी।
संकल्प और प्रेरणा
संकल्प और प्रेरणा
माता जीजा बाई के द्वारा मिली शिक्षा और आदर्शो को अपनाकर शिवाजी महाराज ने मराठा साम्राज्य की नीव रखी। वही हर हिंदू को अपने राज्य के लिए लड़ना चाहिए कहा।
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