Balaghat News (बालाघाट समाचार): गत 28 फरवरी के दिन सिवनी और बालाघाट जिलों के संघम घाट में नाव के पलटने की वजह से लामता तहसील के ग्राम पंचायत परतापुर के मोंगराटोला निवासी 32 वर्षीय गंगाराम पिता विश्राम पंचेश्वर की डूबने से मौत हो गई। सिवनी और बालाघाट की एसडीआरएफ की टीम ने 3 दिनों तक सर्च ऑपरेशन जारी रख रविवार के दिन गंगाराम का शव बरामद किया।
वैनगंगा संगम घाट नाव हादसा का पूरा विवरण
गंगाराम पंचेश्वर शिवनी जिले के अंतर्गत आने वाले सरेखा में अपनी मोटर वाइंडिंग की दूकान चलाते थे। जिसके लिए वो प्रतिदिन नाव से आना जाना करते थे।शुक्रवार 28 फरवरी को भी वे रोजाना की तरह लगभग दोपहर 12 बजे अपने घर से दुकान के लिए निकले थे।
संगम घाट पर नाव में कुल चार लोग और दो मोटरसाइकिलें थीं। इसी बीच सिवनी की हिर्री नदी और बालाघाट की वैनगंगा नदी के संगम पर अचानक नाव पलट गई। नाव में सवार अन्य तीन लोग किसी तरह तैरकर बाहर निकल आए, लेकिन गंगाराम और दोनों मोटरसाइकिलें नदी में डूब गईं। हादसे के तुरंत बाद नाविक ने गंगाराम के परिजनों को इसकी सूचना दी।
परिजनों की व्यथा और प्रशासन की कार्रवाई
जैसे ही परिजनों को गंगाराम के लापता होने की खबर मिली वैसे ही उनके परिजन घटना स्थल पर पहुंच गए और उसके बाद तुरंत बिना कोई देरी किये उन्होंने लामता और ऊगली थाने को सूचित किया। जिसके बाद पुलिस प्रशाशन ने रेस्क्यू टीम को बुलाकर गंगाराम का रेस्क्यू अभियान चालू किया। जिसके बाद रेस्क्यू दल ने संगम घाट से डूबी हुई मोटरसाइकिलें और नाव को बाहर निकाल लिया, लेकिन गंगाराम का कोई भी पता नहीं चल पाया था। अंततः रविवार को तीसरे दिन की तलाशी में उनका शव नदी से बरामद कर लिया गया।