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वैनगंगा संगम घाट में नाव हादसा: तीसरे दिन भी नहीं मिला गंगाराम पंचेश्वर का सुराग

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बालाघाट समाचार : जिले के लामता तहसील में 28 फरवरी को वैनगंगा संगम घाट में नाव पलटने से 32 वर्षीय गंगाराम पंचेश्वर डूब गए। तीसरे दिन भी उनका कोई सुराग नहीं मिला। प्रशासन ने एसडीईआरएफ टीम को खोजबीन में लगाया है। हादसे में अन्य तीन लोग बच गए, लेकिन गंगाराम लापता हैं।

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Balaghat News (Balaghat Samachar): गत 28 फरवरी को जिले के लामता तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत परतापुर के मोंगराटोला निवासी 32 वर्षीय गंगाराम पंचेश्वर पिता विश्राम पंचेश्वर वैनगंगा के संगम घाट में नाव डूबने से लापता हो गए थे। इस घटना के तीसरे दिन भी उनका कोई पता नहीं चल सका है। प्रशासन और परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, एसडीईआरएफ की टीम तैनात

गंगाराम का नाव से डूबने के बाद किसी भी तरह का पता नहीं चल पा रहा है। जिसके बाद गंगाराम की तलाश करने के लिए बालाघाट प्रशाशन ने व्यापक स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चालू कर दिया है। बीते दिन शनिवार को देर शाम तक गंगाराम को खोजना जारी रहा लेकिन रेस्क्यू टीम को किसी भी तरह का कोई सुराग नहीं मिला। लगातार 3 दिन खोजने के बाद भी गंगाराम कोई पता नहीं चलने के बाद में इस स्थिति को देखते हुए आज 2 मार्च को बालाघाट की एसडीईआरएफ टीम को भी खोजबीन के लिए बुलाया गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गंगाराम को खोज निकालने के लिए अब बालाघाट की एसडीईआरएफ टीम के साथ साथ शिवनी की टीम भी इस सर्च ऑपरेशन में साथ देगी।

बालाघाट नाव हादसा: कैसे हुआ यह दुखद हादसा?

गंगाराम पंचेश्वर शिवनी जिले के अंतर्गत आने वाले सरेखा में अपनी मोटर वाइंडिंग की दूकान चलाते थे। जिसके लिए वो प्रतिदिन नाव से आना जाना करते थे।शुक्रवार 28 फरवरी को भी वे रोजाना की तरह लगभग दोपहर 12 बजे अपने घर से दुकान के लिए निकले थे।

संगम घाट पर नाव में कुल चार लोग और दो मोटरसाइकिलें थीं। इसी बीच सिवनी की हिर्री नदी और बालाघाट की वैनगंगा नदी के संगम पर अचानक नाव पलट गई। नाव में सवार अन्य तीन लोग किसी तरह तैरकर बाहर निकल आए, लेकिन गंगाराम और दोनों मोटरसाइकिलें नदी में डूब गईं। हादसे के तुरंत बाद नाविक ने गंगाराम के परिजनों को इसकी सूचना दी।

परिजनों की व्यथा और प्रशासन की कार्रवाई

जैसे ही परिजनों को गंगाराम के लापता होने की खबर मिली वैसे ही उनके परिजन घटना स्थल पर पहुंच गए और उसके बाद तुरंत बिना कोई देरी किये उन्होंने लामता और ऊगली थाने को सूचित किया। जिसके बाद पुलिस प्रशाशन ने रेस्क्यू टीम को बुलाकर गंगाराम का रेस्क्यू अभियान चालू किया। जिसके बाद रेस्क्यू दल ने संगम घाट से डूबी हुई मोटरसाइकिलें और नाव को बाहर निकाल लिया, लेकिन गंगाराम का अभी तक कोई पता नहीं चला है।

अंतिम प्रयास और उम्मीदें

गंगाराम का परिवार को अब एसडीईआरएफ की टीम से ही उम्मीद है की वो जल्द ही गंगाराम का पता लगा लगे। फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। उम्मीद करते है की बालाघाट और शिवनी की एसडीईआरएफ टीम जल्द ही गंगाराम का पता लगा लेंगे।

Pranay

प्रणय एक अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जिनके पास 8 वर्षों का गहन अनुभव है। उन्होंने विभिन्न विषयों पर उच्च गुणवत्ता वाले लेख लिखे हैं, जिसमें समाचार, तकनीक, स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल मार्केटिंग शामिल हैं। उनकी लेखन शैली आकर्षक और शोध आधारित होती है, जो पाठकों को सटीक और उपयोगी जानकारी प्रदान करती है।

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